
गिरिडीह: शिक्षा के क्षेत्र में जहाँ सरकारी विद्यालयों को लेकर अक्सर चर्चाएँ होती हैं, वहीं गिरिडीह प्रखण्ड का उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपराटाँड़ (उर्दू) अपनी सफाई, अनुशासन और बेहतरीन शैक्षणिक माहौल के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है। विद्यालय परिसर की स्वच्छता और यहाँ के शिक्षकों का मार्गदर्शन बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहा है।अनुशासन और सक्रियता की मिसाल विद्यालय के छात्र न केवल अनुशासन के साथ पढ़ाई कर रहे हैं, बल्कि शिक्षक द्वारा दिए गए कार्यों (होमवर्क) को भी पूरे उत्साह के साथ पूरा करते हैं। जब विद्यालय के छात्रों से बातचीत की गई, तो उन्होंने न केवल पूछे गए सवालों के सटीक जवाब दिए, बल्कि अपने शिक्षकों की शिक्षण शैली की जमकर सराहना भी की। बच्चों का कहना है कि यहाँ के शिक्षक उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।शिक्षकों की कमी से जूझ रहा विद्यालय बेहतरीन प्रबंधन के बावजूद, विद्यालय वर्तमान में तीन शिक्षकों की कमी का सामना कर रहा है। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद सफीक अंसारी ने सरकार और गिरिडीह जिला प्रशासन से शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है।

