
गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बारासोली गांव में जमीन विवाद का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय निवासी जीतन सिंह ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर कई लोगों पर जमीन की खरीद-फरोख्त में जालसाजी, साजिश और फर्जी कागजात बनाने का आरोप लगाया है।शिकायत के अनुसार, बारासोली मौजा के खाता संख्या 2 की जमीन वर्षों पहले चिंतामन सिंह वंश के नाम दर्ज थी। लेकिन 1915 में इस जमीन को नीलाम कर दिया गया था।नीलामी के पश्चात चिंतामन सिंह,खूबलाल सिंह एव फोखन सिंह को अलग अलग निबंधित पट्टा दिया गया इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग मिलकर पुराने रजिस्टर और गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन को बेचने का प्रयास कर रहे हैं।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि महेंद्र ठाकुर, नागेश्वर प्रसाद वर्मा, संजू बरनवाल उर्फ संजू मोदी, छोटू मंडल, राधे सिंह, उत्तपल सिंह, और पाचू सिंह सहित कई लोग मिलकर जमीन का फर्जी केवाला बनवा रहे हैं।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जनवरी 2025 में निकली पंजी-2 की नकल में भी प्लॉट संख्या 379 वंशानुगत नहीं दिखाया गया है, फिर भी जाली तरीके से रजिस्टर-2 तैयार कर जमीन बिक्री की कोशिश जारी है। इतना ही नहीं—आवेदक ने डॉ. राजेश दुबे पर भी सवाल उठाया है कि जमीन बिके होने की जानकारी होने के बावजूद वह जमीन खरीदने की प्रक्रिया में शामिल हैं।आवेदक ने अपने आवेदन के साथ कई दस्तावेजों की प्रतियां—जैसे पंजी-2, लगान रसीद, पुराने रिकॉर्ड और केवाला—भी संलग्न किए हैं। गांव में इस मामले को लेकर लोगों में चर्चा तेज है और पीड़ित पक्ष लगातार न्याय की मांग कर रहा है।
