
गांधी गली, बरवाडीह के निवासी इरफान अली ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर इरफान ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए एक मुहिम शुरू की है।*आईएसआर कोचिंग सेंटर की शुरुआत*इरफान ने 26 मई 2024 को महज एक बच्चे से आईएसआर कोचिंग सेंटर की शुरुआत की थी। आज उनके पास 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। यहां वे सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में पढ़ाते हैं।*इरफान की कहानी*इरफान बताते हैं कि वे अक्सर मोहल्ले की गलियों में देखते थे कि सरकारी स्कूलों के बच्चे शाम में पढ़ाई के बजाय खेल में समय बिता देते हैं। उन्हें लगा कि अगर इन बच्चों को थोड़ा मार्गदर्शन मिले, तो वे भी आगे बढ़ सकते हैं।*आज की स्थिति*आज आईएसआर कोचिंग सेंटर में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। इरफान की मेहनत और समर्पण ने कई बच्चों के जीवन को बदल दिया है। यह एक बदलाव की कहानी है जो दूसरों को भी प्रेरित कर रही है।*इरफान का संदेश*इरफान कहते हैं कि अगर नीयत नेक हो, तो सीमित संसाधन भी किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं। उनकी कहानी उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो समाज में बदलाव लाना चाहते हैं।
