
देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक चुनावी नतीजों ने सियासी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल से सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 184 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।वहीं, तृणमूल कांग्रेस महज़ 64 सीटों पर सिमटती दिख रही है।सबसे चौंकाने वाली खबर ये रही कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने शिकस्त दे दी है—जो बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।उधर, असम में भी बीजेपी का दबदबा कायम है। पार्टी 81 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और एक सीट पर आगे चल रही है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 18 सीटों तक ही सिमटी नजर आ रही है।दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में इस बार एक नया राजनीतिक चेहरा उभरकर सामने आया है।टीवीके (TVK) ने बड़ा उलटफेर करते हुए खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित कर लिया है।यहां तक कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को कोलाथुर सीट पर टीवीके के वीएस बाबू ने हराकर सियासी हलचल तेज कर दी है।वहीं, केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) भारी जीत की ओर बढ़ रही है, जबकि पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बढ़त बनाए हुए है।इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि देश की राजनीति में अब पारंपरिक समीकरण बदल रहे हैं।जहां एक ओर बीजेपी कई राज्यों में मजबूत होती दिख रही है, वहीं नए दलों का उभार और बड़े नेताओं की हार आने वाले समय में सियासत की दिशा तय कर सकता है।

