
दिनांक: 25 मार्च 2026 | गिरिडीह/बेंगाबाद प्रखंड के कांशीटांड़ निवासी एवं पारा शिक्षक लक्ष्मण यादव जी का आज निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वे एक सुलझे हुए, सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और समाज के प्रति उनकी सोच हमेशा सकारात्मक रही।लक्ष्मण यादव जी का जन्म 15 दिसंबर 1964 को हुआ था। अपने जीवनकाल में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और एक जिम्मेदार शिक्षक के रूप में समाज में अपनी पहचान बनाई। वे हमेशा समाज के हित और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे।परिवार में उनके तीन पुत्र हैं। बड़े पुत्र राजलाल यादव, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को कोचिंग सेंटर में पढ़ाते हैं, ने फोन पर बातचीत में बताया कि “पिताजी के जाने से पूरा परिवार मर्माहत है। अब हमारा प्रयास रहेगा कि हम उनके बताए रास्ते पर चलें और उनके सपनों को पूरा करें।”इधर, उनके निधन की सूचना मिलते ही पारा शिक्षक संघ में भी गहरा दुख देखा जा रहा है। कई शिक्षकों और समाज के गणमान्य लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक आवास पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।लक्ष्मण यादव जी का सामाजिक योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव और बेंगाबाद प्रखंड के यादव समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दें। 🕯️
