
गिरिडीह जिले के जरीडीह प्रखंड अंतर्गत पचम्बा में गुरुवार को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) के निर्माण कार्य का भव्य शिलान्यास किया गया। यह परियोजना लगभग ₹192.27 करोड़ की लागत से तैयार की जाएगी, जो जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार और गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने संयुक्त रूप से शिलान्यास किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
🎤 क्या बोले मंत्री सुदिव्य कुमार:
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाने की योजना पर भी काम कर रही है। साथ ही पचम्बा को “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
🗣️ विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन का बयान:
विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के बनने से गिरिडीह में तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिलेगी।
🏛️ उपायुक्त का संबोधन:
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि यह परियोजना सामूहिक प्रयास और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने इसे जिले के विकास का आधार बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को बाहर जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें अपने ही जिले में बेहतर अवसर मिलेंगे।
🏗️ कैसा होगा इंजीनियरिंग कॉलेज (प्रोजेक्ट डिटेल):
कुल क्षेत्रफल: लगभग 34.93 एकड़
दो बड़े अकादमिक ब्लॉक (स्मार्ट क्लास, लैब सहित)
छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल
कैंटीन, मेस और छात्र संसाधन केंद्र
प्रशासनिक भवन और स्टाफ क्वार्टर
वर्कशॉप और आधुनिक प्रयोगशालाएं
3000+ वर्गमीटर का ऑडिटोरियम
⚽ स्पोर्ट्स और अन्य सुविधाएं:
इनडोर स्टेडियम
बास्केटबॉल, बैडमिंटन और वॉलीबॉल कोर्ट
एटीएम और जनरल स्टोर
इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन
🎯 क्या है इसका असर:
यह इंजीनियरिंग कॉलेज न केवल गिरिडीह बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों के लिए भी बड़ा अवसर साबित होगा।
बाहर पढ़ाई का खर्च कम होगा
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
क्षेत्र शिक्षा हब के रूप में विकसित होगा
शिक्षा से विकास, विकास से समृद्धि” की सोच के साथ शुरू हुई यह परियोजना गिरिडीह को शिक्षा के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

