
रांची:
झारखंड विधानसभा में आज एक ऐसी भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। डुमरी के विधायक जयराम महतो के चाचा सेवाराम महतो आज पहली बार झारखंड विधानसभा पहुंचे। खास बात यह है कि सेवाराम महतो जन्म से ही नेत्रहीन (सूरदास) हैं, लेकिन उन्होंने अपने भतीजे के विधायक बनने का सपना सालों पहले देख लिया था।
3 साल पहले की थी भविष्यवाणी
करीब तीन साल पहले जब समाधान इंडिया नेटवर्क की टीम जयराम महतो के गांव स्थित उनके पुराने घर पहुंची थी, तब सेवाराम महतो ने एक बात कही थी जो आज सच साबित होती दिख रही है। उस समय उन्होंने कहा था कि
“अब जयराम को विधायक बनाना है।”
उस वक्त यह बात एक साधारण उम्मीद जैसी लगी थी, लेकिन समय के साथ उनकी यह बात एक सच्चाई बनकर सामने आई। जयराम महतो चुनाव जीतकर विधायक बने और आज उनके चाचा पहली बार विधानसभा तक पहुंचे।

सदन की कार्यवाही नहीं देख पाए, लेकिन महसूस किया माहौल
नेत्रहीन होने की वजह से सेवाराम महतो विधानसभा की कार्यवाही देख तो नहीं सके, लेकिन उन्होंने वहां के माहौल को महसूस किया। उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी कि जिस भतीजे के लिए उन्होंने सपना देखा था, वह आज झारखंड की राजनीति में विधायक बनकर लोगों की आवाज उठा रहा है।
संघर्ष और आंदोलन से जुड़ा रहा परिवार
जयराम महतो का परिवार भी लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा रहा है। उनके पिता कृष्णा महतो भी झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे थे और उन्हें एक क्रांतिकारी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था। हालांकि उनकी मृत्यु काफी पहले हो गई थी।
कृष्णा महतो और सेवाराम महतो दो भाई थे। पिता के निधन के बाद भी परिवार में संघर्ष और आंदोलन की भावना बनी रही।
चाचा का सपना, भतीजे की जीत
सेवाराम महतो ने अपने भतीजे के लिए जो सपना देखा था, वह आज हकीकत बन चुका है। यही वजह है कि विधानसभा पहुंचना उनके लिए सिर्फ एक दौरा नहीं बल्कि एक भावनात्मक पल भी था।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी यह तस्वीर
झारखंड विधानसभा में सेवाराम महतो की मौजूदगी और उनकी तीन साल पुरानी भविष्यवाणी अब चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग इसे परिवार के संघर्ष और विश्वास की कहानी के रूप में देख रहे हैं।

