
रांची | 04 अप्रैल 2026
भू-राजस्व मामलों में लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर रांची के जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त रुख अपनाया है। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जमीन माफियाओं से सांठगांठ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक के दौरान कांके अंचल में अवैध बाउंड्री वॉल निर्माण के मामले में एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित करने का आदेश दिया गया। वहीं अनगड़ा अंचल में 90 दिनों से अधिक लंबित म्यूटेशन मामलों को लेकर संबंधित कर्मचारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि 10 डिसमिल से कम जमीन के म्यूटेशन मामलों का युद्ध स्तर पर निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामले जनता दरबार में लंबित पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इसके अलावा, उपायुक्त ने रिजेक्ट किए गए म्यूटेशन मामलों की भी समीक्षा के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक अंचल से 10-10 मामलों का रैंडम चयन कर जांच की जाएगी। यदि गलत तरीके से आवेदन अस्वीकृत पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पंजी-2 में सुधार को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। सभी अंचल अधिकारियों को पिछले दो महीने के सुधार कार्यों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि तकनीकी कारणों से म्यूटेशन लंबित होने की स्थिति में समय पर सूचना देना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्य बाधित न हो। साथ ही उन्होंने अंचल अधिकारियों को अपने कर्मियों पर नियंत्रण रखने और किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चिन्हितीकरण, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान और अन्य राजस्व कार्यों को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर समाहर्ता सहित सभी अंचल अधिकारी, सीआई और कर्मचारी उपस्थित थे।

